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Pregnancy 32nd Week में बेबी की मूवमेंट पर रखनी है नजर
32 week Pregnancy में होने का मतलब है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ के जनà¥â€à¤® में केवल à¤à¤• महीना à¤à¤° बचा है। à¤à¤¸à¥‡ में आपके पहले के लकà¥à¤·à¤£ तो बने ही रहेंगे लेकिन अब डिलिवरी के symptoms पर आपको धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना होगा।
Pregnancy 32nd Week
ये आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही चल रही है। शिशॠके आने का आप बेसबà¥à¤°à¥€ से इंतजार कर रही हैं और जलà¥â€à¤¦ ही आपका ये इंतजार खतà¥â€à¤® होने वाला है। इस सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ à¤à¥€ आपको कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ परेशान कर सकते हैं लेकिन घबराइठनहीं कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤¤ जलà¥â€à¤¦ ही ये सब खतà¥â€à¤® होने वाला है और आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ आपकी गोद में आने वाला है।
आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का 32वां सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ मतलब आप अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के आठवें महीने में चल रही हैं। अब बचà¥â€à¤šà¥‡ के जनà¥â€à¤® में केवल à¤à¤• महीना à¤à¤° बचा है। à¤à¤¸à¥‡ में आपके पहले के लकà¥à¤·à¤£ तो बने ही रहेंगे लेकिन अब डिलीवरी के संकेतों पर आपको धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना होगा। इसलिठइस समय होने वाले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और संकेतों को नजरअंदाज न करें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के शरीर में बदलाव
आपके मसूड़े कमजोर हो सकते हैं या उनमें से बà¥à¤°à¤¶ करते समय खून à¤à¥€ आ सकता है। इस तरह के कà¥à¤› बदलाव आपको इस सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ देखने को मिलेंगें। मसूड़ों को मजबूत करने के लिठनमक के पानी से कà¥à¤²à¥â€à¤²à¤¾ करें।
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण लिगामेंटस रिलैकà¥â€à¤¸ हो सकते हैं और इनà¥â€à¤¹à¥€à¤‚ हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स का असर दांतों को पकड़ कर रखने वाले छोटे लिगामेंटà¥à¤¸ पर à¤à¥€ पड़ सकता है। इसकी वजह से दांतों में ढीलापन महसूस हो सकता है। इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® के कमजोर होने के कारण मà¥à¤‚ह में छाले हो सकते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मीरा राजपूत को à¤à¥€ हà¥à¤ˆ थी ये समसà¥à¤¯à¤¾, जानें इसका कारण
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हर इंसान को गैस और पेट फूलने की पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥â€à¤²à¤® होती है। आम इंसान दिन में लगà¤à¤— 12 से 14 बार गैस पास करता है। वहीं पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ लेवल के बढ़ते लेवल की वजह से शरीर की मांसपेशियां रिलैकà¥â€à¤¸ हो जाती हैं।
इसका मतलब है कि पाचन मारà¥à¤— की सà¤à¥€ मांसपेशियां à¤à¥€ रिलैकà¥â€à¤¸ हो जाती हैं जिससे पाचन धीमा पड़ जाता है। इससे पेट में गैस अधिक बनने लगती है।
पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के बढ़ने के कारण न सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है बलà¥à¤•ि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पबà¥à¤²à¤¿à¤• पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸ में à¤à¥€ अकà¥â€à¤¸à¤° यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
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गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का पाचन पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लगà¤à¤— 30 फीसदी धीमा हो जाता है। इसके कारण अधिक गैस बनने लगती है और ये गैस डकार या गà¥à¤¦à¤¾ मारà¥à¤— के जरिठशरीर से बाहर निकलती है।
वहीं, गरà¥à¤ में शिशॠको जगह देने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बढ़ता रहता है जिससे पेट, आंतों, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और आसपास के हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ पर दबाव पड़ता है। पाचन धीमा पड़ जाता है और गैस अधिक बनती है।
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अमूमन हर महिला को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान इस परेशानी से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ ही पड़ता है। हालांकि, आप अपनी जीवनशैली और आहार में कà¥à¤› बदलाव कर के गैस की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को खतà¥â€à¤® कर सकती हैं।
बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और बींस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनाते हैं इसलिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी डायट में इनका कम ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। इसके अलावा बंदगोà¤à¥€, फूलगोà¤à¥€, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ और कà¥à¤› डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿ à¤à¥€ गैस पैदा करते हैं। शà¥à¤—र फà¥à¤°à¥€ चीजें खाà¤à¤‚ और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥â€à¤¸ कम पिà¤à¤‚।
जैसा कि हमने पहले à¤à¥€ बताया कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने की शिकायत अधिक रहती है इसलिठइससे निजात पाने के लिठखूब पानी पिà¤à¤‚। पानी पाचन को तेज करता है और कबà¥â€à¤œ होने से बचाता है।
à¤à¤• ही बार में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने की बजाया थोड़ा-थोड़ा करके खाà¤à¤‚। खाने को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से चबाकर खाने से à¤à¥€ फायदा होता है। रोज à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें।
बचà¥â€à¤šà¥‡ का विकास
आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का आकार अब 15 से 17 इंच के आसपास होगा। उसका वजन à¤à¥€ लगà¤à¤— 1.6 से 1.8 किलो के बीच होगा। देखने में वह अब à¤à¤• नवजात शिशॠजैसा ही लगेगा। उसके सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– अंगों का विकास हो चà¥à¤•ा है फेफड़ों को छोड़कर। वह आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में हाथ-पैरों को सिकोड़े हà¥à¤ नीचे की ओर सिर वाली पोजिशन में आ गया होगा। अगर वह इस†सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नहीं है तो आने वाले कà¥à¤› समय में à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाà¤à¤—ा।
आपके लकà¥à¤·à¤£
आप अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में हैं। इस समय बचà¥â€à¤šà¥‡ का आकार à¤à¤¸à¤¾ है कि उसने आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को घेर रखा है इसलिठवह अब पहले की तरह आपके पेट में उछल कूद नहीं कर सकता। अब उसके करवट लेने या हाथ-पैरों को हिलाने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ की गतिविधियां होती रहेंगी।
अब आपको उसके मूवमेंट पर पूरा धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है। इनमें कमी या तेजी होते ही अपने डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कीजिà¤à¥¤ इसके अलावा कबà¥â€à¤œ, चकà¥â€à¤•र आने, पैरों में à¤à¤‚ठन, पेट की तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ वगैरह होती रहेगी, दà¥à¤—à¥â€à¤§ गà¥à¤°à¤‚थियों से सà¥à¤°à¤¾à¤µ à¤à¥€ होगा। अनà¥â€â€â€à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
नकली लेबर पेन : इसे डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में Braxton Hicks Contractions à¤à¥€ कहते हैं। इनके होने का मतलब है कि आपका शरीर डिलीवरी की रिहरà¥à¤¸à¤² कर रहा है। इस दौरान आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के ऊपरी हिसà¥â€à¤¸à¥‡ से संकà¥à¤šà¤¨ शà¥à¤°à¥‚ होकर नीचे की ओर बढ़ते हैं। ये 15 से 30 सेकंड तक रहते हैं कà¤à¥€-कà¤à¥€ इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥€à¥¤à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको अपनी पोजिशन बदल लेनी चाहिà¤à¥¤ मतलब अगर बैठी हैं तो खड़ी हो जाइठया कà¥à¤› कदम चलने लगिà¤à¥¤ ये रà¥à¤• जाà¤à¤‚गे। अगर ये न रà¥à¤•ें और समय के साथ बढ़ते जाà¤à¤‚ तो समठलीजिठआपके लेबर पेन की शà¥à¤°à¥‚आत हो चà¥à¤•ी है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कीजिà¤à¥¤
वजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ : इस समय वजाइना से गाढ़ा पदारà¥à¤¥ निकलता है। यह आपको इनà¥â€à¤«à¥‡à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ से बचाने के लिठहै। लेकिन अगर इसकी जगह पानी जैसा तरल निकलने लगे तो समठजाइठकि डिलीवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो गई है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बिना घबराठकोई सूती चादर या तौलिया इस तरह अपने पैरों के बीच लगा लीजिठकि पानी तेजी से न निकले और डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° के पास जलà¥â€à¤¦ से जलà¥â€à¤¦ पहà¥à¤‚चने की कोशिश करें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मीरा राजपूत को à¤à¥€ हà¥à¤ˆ थी ये समसà¥à¤¯à¤¾, जानें इसका कारण
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हर इंसान को गैस और पेट फूलने की पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥â€à¤²à¤® होती है। आम इंसान दिन में लगà¤à¤— 12 से 14 बार गैस पास करता है। वहीं पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ लेवल के बढ़ते लेवल की वजह से शरीर की मांसपेशियां रिलैकà¥â€à¤¸ हो जाती हैं।
इसका मतलब है कि पाचन मारà¥à¤— की सà¤à¥€ मांसपेशियां à¤à¥€ रिलैकà¥â€à¤¸ हो जाती हैं जिससे पाचन धीमा पड़ जाता है। इससे पेट में गैस अधिक बनने लगती है।
पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के बढ़ने के कारण न सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है बलà¥à¤•ि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पबà¥à¤²à¤¿à¤• पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸ में à¤à¥€ अकà¥â€à¤¸à¤° यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
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गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का पाचन पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लगà¤à¤— 30 फीसदी धीमा हो जाता है। इसके कारण अधिक गैस बनने लगती है और ये गैस डकार या गà¥à¤¦à¤¾ मारà¥à¤— के जरिठशरीर से बाहर निकलती है।
वहीं, गरà¥à¤ में शिशॠको जगह देने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बढ़ता रहता है जिससे पेट, आंतों, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और आसपास के हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ पर दबाव पड़ता है। पाचन धीमा पड़ जाता है और गैस अधिक बनती है।
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अमूमन हर महिला को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान इस परेशानी से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ ही पड़ता है। हालांकि, आप अपनी जीवनशैली और आहार में कà¥à¤› बदलाव कर के गैस की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को खतà¥â€à¤® कर सकती हैं।
बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और बींस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनाते हैं इसलिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी डायट में इनका कम ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। इसके अलावा बंदगोà¤à¥€, फूलगोà¤à¥€, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ और कà¥à¤› डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿ à¤à¥€ गैस पैदा करते हैं। शà¥à¤—र फà¥à¤°à¥€ चीजें खाà¤à¤‚ और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥â€à¤¸ कम पिà¤à¤‚।
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जैसा कि हमने पहले à¤à¥€ बताया कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने की शिकायत अधिक रहती है इसलिठइससे निजात पाने के लिठखूब पानी पिà¤à¤‚। पानी पाचन को तेज करता है और कबà¥â€à¤œ होने से बचाता है।
à¤à¤• ही बार में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने की बजाया थोड़ा-थोड़ा करके खाà¤à¤‚। खाने को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से चबाकर खाने से à¤à¥€ फायदा होता है। रोज à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाà¤à¤‚ इस समय कà¥â€à¤¯à¤¾ करें
अचानक वजन बढ़ना, लगातार सिरदरà¥à¤¦ रहना, आंखों से धà¥à¤‚धला दिखाई देना, पेट के ऊपरी हिसà¥â€à¤¸à¥‡ या कंधे में दरà¥à¤¦ और सूजन महसूस हो रही है तो यह पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥â€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। इस सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में यह परेशानी उà¤à¤° सकती है। इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के दिखते ही तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से बात करें।
बेबी की मूवमेंट पर नजर रखें और डायट में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजों को शामिल करना न à¤à¥‚लें। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह पर योग और à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कर सकती हैं।
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